कोर्ट तक पहुंचा ‘हमारे बारह’ का विवाद; फिल्म की स्क्रीनिंग रोक दी गई

हमारे बारह, कमल चंद्रा निर्देशित फिल्म, बॉम्बे हाई कोर्ट, एक्टर अनु कपूर, अज़हर तम्बोली, Hamare Barah, film directed by Kamal Chandra, Bombay High Court, actors Anu Kapoor, Azhar Tamboli

इस फिल्म की रिलीज के खिलाफ इसके कलाकारों को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। इसमें किरदार निभा रहे एक्टर अनु कपूर ने कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर अपना पक्ष रखा था।

मुंबई। कमल चंद्रा निर्देशित फिल्म ‘हमारे बारह’ को लेकर पिछले कुछ दिनों से विवाद चल रहा है। अब बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस फिल्म की रिलीज को 14 जून तक टालने का आदेश दिया है। इस मामले में अगली सुनवाई 10 जून को होगी। अनु कपूर स्टारर ‘हमारे बारह’ 7 जून को रिलीज होने वाली थी। फिल्म के विवादों में रहने के दौरान अनु कपूर और निर्देशक ने हाल ही में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की थी । उन्होंने शिंदे से शिकायत की थी कि इस फिल्म के कलाकारों को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। शिंदे ने सुरक्षा का वादा करते हुए कहा था कि फिल्म बिना किसी चिंता के रिलीज होनी चाहिए।

क्या है फिल्म हमारे बारह की कहानी?

फिल्म में मंजूर अली खान संजरी नाम के एक शख्स की कहानी दिखाई गई है, जिसकी पहली पत्नी की प्रसव के दौरान मौत हो जाती है। इसके बाद उन्हें अपनी दूसरी पत्नी से और भी बच्चों की उम्मीद है। डॉक्टरों ने उसे चेतावनी दी है कि छठी बार गर्भवती होने पर उसकी जान को खतरा है। लेकिन फिर भी खान ने अपनी पत्नी के गर्भपात से इनकार कर दिया। तब उसकी बेटी अल्फिया अपनी सौतेली माँ को बचाने का फैसला करती है। वह मां के गर्भपात की मांग के लिए पिता को अदालत में घसीटती है।

कोर्ट में क्या हुआ?

बॉम्बे हाई कोर्ट में फिल्म को लेकर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता अज़हर तम्बोली ने वकील मयूर खांडेपारकर, अनीसा चीमा और रेखा मुसाले के जरिए फिल्म ‘हमारे बारह’ पर रोक लगाने की मांग की। उनका आरोप है कि यह फिल्म न सिर्फ मुस्लिम समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचा रही है बल्कि कुरान की गलत व्याख्या भी कर रही है। याचिका में सेंसर बोर्ड द्वारा जारी सर्टिफिकेट पर भी सवाल उठाया गया है। इसी तरह उस प्रमाणपत्र को भी रद्द करने की मांग की गयी है। कोर्ट में वकील खांडेपारकर ने फिल्म के ट्रेलर और प्रमोशन वीडियो में कुछ आपत्तिजनक संवादों की ओर इशारा किया। उन्होंने मुद्दा उठाया कि इस फिल्म को किसी भी तरह से यू/ए सर्टिफिकेट नहीं दिया जा सकता।

सेंसर बोर्ड की ओर से पेश हुए वकील अद्वैत सेठना ने बताया कि फिल्म देखने के बाद सेंसर बोर्ड ने इसके कुछ सीन और डायलॉग हटाने का निर्देश दिया था। इसके बाद फिल्म रिलीज के लिए तैयार थी। इसी तरह, सेठना ने यह भी बताया कि हालांकि सेंसर बोर्ड का फिल्म पर नियंत्रण है, लेकिन ट्रेलर और प्रमोशनल वीडियो पर उनका कोई नियंत्रण नहीं है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने प्रदर्शनी स्थगित करने का आदेश देते हुए कहा है कि इस मामले में आगे सुनवाई की जरूरत है।

कलाकारों को धमकी

फिल्म में अनु कपूर, मनोज जोशी और परितोष त्रिपाठी हैं। इस फिल्म के टीजर में देखने को मिला कि महिलाओं के दर्द को बेबाकी से बयां किया गया है। इसमें बढ़ती जनसंख्या का मुद्दा उठाया गया और इसके कारण महिलाओं को होने वाली समस्याओं को दिखाया गया। लेकिन इस टीजर ने कुछ लोगों को चौंका दिया है और फिल्म के कलाकारों को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं।

Related posts