रिलेशनशिप टिप्स: शादीशुदा जिंदगी के बाद कई नए पहलू जुड़ते हैं, जिसमें शारीरिक संबंधों की भूमिका अहम होती है। नवविवाहित जोड़ों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि शादी के बाद कितने दिनों तक रोजाना सेक्स करना चाहिए और क्या यह उनके रिश्ते की मजबूती के लिए जरूरी है?
शारीरिक और मानसिक जुड़ाव
शारीरिक संबंध सिर्फ जैविक प्रक्रिया नहीं बल्कि भावनात्मक और मानसिक जुड़ाव का प्रतीक भी है। विशेषज्ञों के मुताबिक शादी के शुरुआती दिनों में शारीरिक संबंध बनाने से दोनों पार्टनर के बीच भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होता है।
कोई तय सीमा नहीं
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि शारीरिक संबंधों के लिए कोई तय सीमा नहीं है। हर कपल अलग होता है और उनके रिश्ते की मांग भी अलग हो सकती है। कुछ कपल अपने हनीमून फेज में रोजाना सेक्स करते हैं, जबकि कुछ इसके लिए अनायास ही समय निकाल लेते हैं।
स्वास्थ्य और आपसी समझ
डॉक्टरों और सेक्सोलॉजिस्ट के मुताबिक, शारीरिक संबंधों का आनंद तभी लेना चाहिए जब दोनों पार्टनर इसके लिए पूरी तरह से तैयार और इच्छुक हों। यह किसी दबाव या सामाजिक मानकों के बजाय आपसी समझ और सहमति पर आधारित होना चाहिए। स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति का ध्यान रखना भी जरूरी है, ताकि किसी तरह का तनाव या परेशानी न हो।
सुखी रिश्ते का सूत्र
सुखी वैवाहिक जीवन के लिए सिर्फ शारीरिक संबंध ही नहीं, बल्कि आपसी संवाद, विश्वास और सहयोग भी जरूरी है। शादी के बाद शारीरिक संबंधों की आवृत्ति को लेकर कोई चिंता नहीं होनी चाहिए।
आखिरकार, यह कहना सही होगा कि शादी के बाद कितने दिनों तक और कितनी बार सेक्स करना चाहिए, यह पूरी तरह से निजी मामला है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दोनों पार्टनर इसके लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार हों और इस अनुभव का भरपूर आनंद उठा सकें।