लहसुन को महंगाई की मार, अब दाम पिछले साल से दोगुने, उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगी मार

लहसुन, महंगाई की मार, आखिरकार लहसुन की कीमत चरम पर, Garlic, hit by inflation, finally the price of garlic has reached its peak,

लहसुन की कीमत में बढ़ोतरी: पिछले साल आखिरकार लहसुन की कीमत चरम पर पहुंच गई थी। इसके बाद लहसुन की कीमत में गिरावट आई। लेकिन अब लहसुन ने फिर से सिर उठा लिया है। इसलिए लहसुन से महंगाई भी कुचल जाएगी। पिछले साल से कीमतें दोगुनी हो गई हैं।

नई दिल्ली। पिछले साल के अंत में लहसुन की कीमतों में भारी उछाल आया। पिछले साल टमाटर, प्याज और आलू का बोलबाला रहा। पिछले साल अगस्त में कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू हो गया था। इसके बाद लहसुन के एक बड़े छींटे ने ग्राहकों के मुंह में पानी ला दिया। अब मानसून के सामने लहसुन ने एक बार फिर सिर उठाया है। लहसुन ने महंगाई को कुचल दिया है। नवी मुंबई में बाजार समिति में कीमत 85 रुपये से 210 रुपये प्रति किलोग्राम है। पिछले साल के अंत में लहसुन की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई थी। इस साल भी सीजन की शुरुआत से ही रेट बढ़ना शुरू हो गया है।

कीमत पिछले साल से दोगुनी है

पिछले साल जून की शुरुआत में बाजार समिति में लहसुन 40 से 65 रुपये प्रति किलो बिक रहा था। इस साल यही रेट 85 से 210 रुपये तक पहुंच गया है। खुदरा बाजार में लहसुन 280 से 300 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिक रहा है। लहसुन का मौसम हर साल जनवरी में शुरू होता है। जून तक लहसुन के दाम गिर रहे हैं। लेकिन इस साल सीजन की शुरुआत से ही लहसुन में तेजी बनी हुई है। राज्य की सभी बाजार समितियों में इसकी कीमत 80 से 230 रुपये प्रति किलो तक है। मुंबई बाजार समिति में भी पिछले साल जून महीने की तुलना में बाजार में कीमतें दोगुनी हो गई हैं।

लहसुन के दाम बढ़ने का क्या है कारण?

यह अंतर लहसुन का उत्पादन कम होने के कारण है। व्यापारियों का अनुमान है कि दिवाली के दौरान रेट कुछ हद तक कम हो जाएंगे। इसके अलावा अन्य सब्जियां महंगी होने पर उपभोक्ताओं की जेब पर असर पड़ सकता है। केंद्र सरकार को इस संबंध में शीघ्र कदम उठाना होगा। देश में महंगाई का ग्राफ ऊंचा बना हुआ है। केंद्र सरकार ने समय-समय पर हस्तक्षेप करने की कोशिश की। लेकिन अनियमित मौसम ने सरकार के प्रयासों को कमजोर कर दिया है।

दिसंबर में कीमत 400 रु

दिसंबर 2023 में लहसुन ने बड़ी कीमत खाई। उस समय प्रतिकूल मौसम और बेमौसम बारिश की मार पड़ी थी। दिवाली के बाद लहसुन का भाव 200-250 किलो के बीच था। दिसंबर माह में यह कीमत 350-400 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी। इस जनवरी में आयात बढ़ने के बाद ये कीमतें कम कर दी गईं। अब मॉनसून की पूर्वसंध्या पर कीमतों में एक बार फिर उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

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